8/28/2011

कुछ तो करना है ....


ये माना कि मेरी
एक आवाज़ के उठ जाने से
शायद कुछ नहीं होगा

लेकिन ये भी तय है ...

मेरे इस वक्त चुप रह जाने से
आने वाली पीढियों तक
यकीनन कुछ नहीं होगा ।

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अन्ना हजारे के समर्थन में

12 comments:

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

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आदरणीया अनूप भार्गव जी
सादर नमस्कार !

आज है आपका जन्मदिवस…
जन्मदिवस के शुभ अवसर पर आपको बहुत बहुत बधाई और मंगलकामनाएं !

-राजेन्द्र स्वर्णकार

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डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') said...

अनूप जी,

आरज़ू चाँद सी निखर जाए,
जिंदगी रौशनी से भर जाए,
बारिशें हों वहाँ पे खुशियों की,
जिस तरफ आपकी नज़र जाए।
जन्‍मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
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ब्‍लॉग समीक्षा की 32वीं कड़ी..
पैसे बरसाने वाला भूत!

अनूप भार्गव said...

राजेश जी और रजनीश जी,

आप की जन्म दिन की शुभ कामनाओं के लिये बहुत बहुत आभार !

स्नेह बनाये रखिये ...

daanish said...

काव्य के माध्यम से
आह्वान
सशक्त रहा ... !!

Udan Tashtari said...

जिन्दाबाद!!!

Udan Tashtari said...

थोड़ी से देर से सही:

जन्‍मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ! :)

ANUP DOKANIA said...

SIR , DIL KO CHHOO LI AAPNE. AAPSE KAB BHENT HO GI . .
LIKE ANNAJI, I THINK THERE SHOULD BE WIDE PROPAGATION OF THOUGHTS OF MUNSHI PREMCHAND , GULZAAR , SATYAJIT RAY . DR.ANUP DOKANIA .

Hindi Sahitya said...
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Rahul said...

Tanhayian jaane lagi zindagi muskurane lagi,
Naa din ka pata hai naa raat kaa pata.
Aap ki dosti ki khushboo hume mehkaane lagi,
Ek pal to karib aa jao dhadkan bhi awaaz lagane lagi..

Rahul said...

Tanhayian jaane lagi zindagi muskurane lagi,
Naa din ka pata hai naa raat kaa pata.
Aap ki dosti ki khushboo hume mehkaane lagi,
Ek pal to karib aa jao dhadkan bhi awaaz lagane lagi..

kamlesh kumar diwan said...

sahi sanketo ke saath likhi gai kavita hai badhai

Sp Sudhesh said...

आप का ब्लाग देख कर ख़ुशी हुई । आप तो कवि निकले । आप की कई कविताएँ पसन्द आईं । लिखते रहें और फेसबुक पर भी लिखें । "